बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, कलेक्टर ने पंचायतों और नगर निकायों को दिया सम्मान

बालोद। बालोद जिले ने देश में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है और अब यह भारत का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बन गया है। इस मौके पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी 5 जनपद पंचायतों और 9 नगरीय निकायों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
पिछले दो वर्षों में जिले में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। कलेक्टर मिश्रा ने जिलेवासियों और सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता सामाजिक जागरूकता और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों का परिणाम है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में बाल विवाह मुक्त माहौल बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी जनपद पंचायत, नगर निकाय और नागरिक समाज बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास करें।
इस उपलब्धि से न केवल जिले की, बल्कि राज्य और देश की सामाजिक प्रगति को भी नया उदाहरण मिला है। कलेक्टर ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष सराहना की जिन्होंने लगातार निगरानी, प्रचार-प्रसार और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस दिशा में योगदान दिया।
बालोद जिले की यह मिसाल बच्चों और युवाओं के कल्याण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।














